Перевод на хинди - Азиз аль-Хак аль-Умари
Перевод смыслов Благородного Корана
Перевод - Азиз аль-Хак аль-Умари.
وَٱلضُّحَىٰ
कस़म है धूप चढ़ने के समय की!
وَٱلَّيۡلِ إِذَا سَجَىٰ
और क़सम है रात की, जब वह छा जाए।
مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ
(ऐ नबी!) तेरे पालनहार ने तुझे न तो छोड़ा और न नाराज़ हुआ।
وَلَلۡأٓخِرَةُ خَيۡرٞ لَّكَ مِنَ ٱلۡأُولَىٰ
और निश्चित रूप से आख़िरत आपके लिए दुनिया से बेहतर है।
وَلَسَوۡفَ يُعۡطِيكَ رَبُّكَ فَتَرۡضَىٰٓ
और निश्चय तेरा पालनहार तुझे प्रदान करेगा, तो तू प्रसन्न हो जाएगा।
أَلَمۡ يَجِدۡكَ يَتِيمٗا فَـَٔاوَىٰ
क्या उसने आपको अनाथ पाकर शरण नहीं दी?
وَوَجَدَكَ ضَآلّٗا فَهَدَىٰ
और आपको मार्ग से अनभिज्ञ पाया, तो सीधा मार्ग दिखाया।
وَوَجَدَكَ عَآئِلٗا فَأَغۡنَىٰ
और उसने आपको निर्धन पाया, तो संपन्न कर दिया।
فَأَمَّا ٱلۡيَتِيمَ فَلَا تَقۡهَرۡ
अतः आप अनाथ पर कठोरता न दिखाएँ।[1]
وَأَمَّا ٱلسَّآئِلَ فَلَا تَنۡهَرۡ
और माँगने वाले को न झिड़कें।
وَأَمَّا بِنِعۡمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثۡ
और अपने रब के उपकार का वर्णन करते रहें।[2]
share_via