Hindi translation - Azizul Haq Al-Omari
Translated by Azizul Haq Al-Omari
إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنفَطَرَتۡ
जब आकाश फट जाएगा।
وَإِذَا ٱلۡكَوَاكِبُ ٱنتَثَرَتۡ
तथा जब तारे झड़ जाएँगे।
وَإِذَا ٱلۡبِحَارُ فُجِّرَتۡ
और जब समुद्र बह निकलेंगे।
وَإِذَا ٱلۡقُبُورُ بُعۡثِرَتۡ
और जब क़बरें उलट दी जाएँगी।
عَلِمَتۡ نَفۡسٞ مَّا قَدَّمَتۡ وَأَخَّرَتۡ
तब प्रत्येक प्राणी जान लेगा, जो उसने आगे भेजा और जो पीछे छोड़ा।[1]
يَٰٓأَيُّهَا ٱلۡإِنسَٰنُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ ٱلۡكَرِيمِ
ऐ इनसान! तुझे किस चीज़ ने तेरे उदार पालनहार से बहका दिया?
ٱلَّذِي خَلَقَكَ فَسَوَّىٰكَ فَعَدَلَكَ
जिसने तेरी रचना की, फिर तुझे ठीक ठाक किया, फिर तुझे संतुलित बनाया।
فِيٓ أَيِّ صُورَةٖ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَ
जिस रूप में भी उसने चाहा, तुझे बना दिया।[2]
كَلَّا بَلۡ تُكَذِّبُونَ بِٱلدِّينِ
हरगिज़ नहीं, बल्कि तुम बदले (के दिन) को झुठलाते हो।
وَإِنَّ عَلَيۡكُمۡ لَحَٰفِظِينَ
हालाँकि निःसंदेह तुमपर निगेहबान नियुक्त हैं।
كِرَامٗا كَٰتِبِينَ
जो सम्माननीय लिखने वाले हैं।
يَعۡلَمُونَ مَا تَفۡعَلُونَ
वे जानते हैं, जो तुम करते हो।[3]
إِنَّ ٱلۡأَبۡرَارَ لَفِي نَعِيمٖ
निःसंदेह नेक लोग बड़ी नेमत (आनंद) में होंगे।
وَإِنَّ ٱلۡفُجَّارَ لَفِي جَحِيمٖ
और निःसंदेह दुराचारी लोग जहन्नम में होंगे।
يَصۡلَوۡنَهَا يَوۡمَ ٱلدِّينِ
वे उसमें बदले के दिन प्रवेश करेंगे।
وَمَا هُمۡ عَنۡهَا بِغَآئِبِينَ
और वे उससे कभी ग़ायब होने वाले नहीं हैं।[4]
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ
और आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
ثُمَّ مَآ أَدۡرَىٰكَ مَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ
फिर आप क्या जानें कि बदले का दिन क्या है?
يَوۡمَ لَا تَمۡلِكُ نَفۡسٞ لِّنَفۡسٖ شَيۡـٔٗاۖ وَٱلۡأَمۡرُ يَوۡمَئِذٖ لِّلَّهِ
जिस दिन कोई प्राणी किसी प्राणी के लिए किसी चीज़ का अधिकार न रखेगा और उस दिन आदेश केवल अल्लाह का होगा।[5]
مشاركة عبر